अध्याय – 073 पंचमी तिथि के व्रत

अध्याय – 073 
पंचमी तिथि के व्रत
अग्निदेव कहते हैं – वसिष्ठ ! अब मैं आरोग्य, स्वर्ग और मोक्ष प्रदान करनेवाले पंचमी-व्रत का वर्णन करता हूँ | श्रावण, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक के शुक्लपक्ष की पंचमी को वासुकि, तक्षक, कालिय, मणिभद्र, ऐरावत, धृतराष्ट्र, कर्कोटक और धनंजय नामक नागों का पूजन करना चाहिये ||१-२||

ये सभी नाग अभय, आयु, विद्या, यश और लक्ष्मी प्रदान करनेवाले हैं ||३||

इसप्रकार आदि आग्नेय महापुराण में ‘पंचमी के व्रतों का वर्णन’ नामक बहात्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ ||

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